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Vaibhav Suryavanshi: 7 चौके और 5 छक्के… 14 साल के सूर्यवंशी ने मचाई खलबली, 19 गेंदों में ठोके 63 रन

On: February 26, 2026 2:47 PM
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Vaibhav Suryavanshi 19 ball 63 runs

Desk: नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में 14 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने एक ऐसी पारी खेली, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का सितारा मिल चुका है। डीवाई पाटिल T20 कप में DY पाटिल ब्लू की ओर से खेलते हुए वैभव ने इंडियन नेवी के खिलाफ सिर्फ 19 गेंदों में 63 रन ठोक दिए। इस पारी में 7 चौके और 5 लंबे छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 331.58 रहा, जो किसी भी स्तर पर बेहद खास माना जाता है।

यह सिर्फ तेज पारी नहीं थी, यह आत्मविश्वास, निडरता और तकनीक का शानदार मिश्रण था। इतनी कम उम्र में इतने बड़े मंच पर इस तरह की बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता, लेकिन वैभव ने इसे बेहद सामान्य अंदाज में कर दिखाया।

शुरुआत से ही आक्रामक इरादा

इंडियन नेवी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से कुवर पाठक ने 53 गेंदों में 87 रन की बेहतरीन पारी खेली। कप्तान सूरज वशिष्ठ ने भी तेज 13 रन बनाए। आखिरी ओवरों में तेजी से रन आए, जिससे लक्ष्य 220 तक पहुंच गया।

220 रन का पीछा करना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता। लेकिन DY पाटिल ब्लू की तरफ से ओपनिंग करने उतरे वैभव सूर्यवंशी का इरादा कुछ और ही था।

पहले ही ओवर में उन्होंने चार गेंदों पर 16 रन बटोर लिए। एक चौका, फिर लंबा छक्का, और उसके बाद दो दमदार शॉट। गेंदबाज समझ ही नहीं पाए कि लाइन और लेंथ कहां रखें। दूसरे ओवर में भी वही अंदाज जारी रहा। महज 12 गेंदों में वैभव (Vaibhav Suryavanshi) 43 रन तक पहुंच चुके थे।

पांचवें ओवर में उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह पारी सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं थी, बल्कि यह दिखाती है कि वह गेंदबाजों पर शुरू से दबाव बनाना जानते हैं।

19 गेंदों में 63 रन: हर शॉट में भरोसा

वैभव की पारी में कुल 7 चौके और 5 छक्के शामिल थे। दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने ज्यादातर शॉट सीधे बल्ले से खेले। कवर ड्राइव, पुल शॉट और लॉन्ग ऑन के ऊपर से छक्का — हर शॉट में टाइमिंग साफ दिख रही थी।

उनका स्ट्राइक रेट 331.58 रहा, जो टी20 क्रिकेट में भी बेहद असाधारण माना जाता है। सातवें ओवर में वह आउट हुए, लेकिन तब तक मैच का रुख बदल चुका था। उनकी पारी ने लक्ष्य को आसान बना दिया था।

आखिरकार DY पाटिल ब्लू ने पांच विकेट रहते और पांच गेंद पहले ही मैच जीत लिया। अर्जुन तेंदुलकर ने 29 गेंदों में नाबाद 55 रन की पारी खेली। नितिन तंवर 57 रन बनाकर नाबाद रहे। सरफराज खान ने 19 गेंदों में 27 रन जोड़े।

Vaibhav Suryavanshi का सफर: छोटी उम्र, बड़े कारनामे

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का नाम पहली बार देशभर में तब चर्चा में आया जब उन्होंने Indian Premier League 2025 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में शतक जड़ दिया था। उस पारी ने उन्हें IPL इतिहास का सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाला भारतीय खिलाड़ी बना दिया।

उस मुकाबले में उन्होंने अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की थी। क्रिकेट विशेषज्ञों ने तभी कह दिया था कि यह खिलाड़ी लंबी रेस का घोड़ा है।

अंडर-19 में भी दमदार प्रदर्शन

वैभव ने भारत के अंडर-19 सेटअप में भी कमाल किया है। 25 यूथ वनडे मैचों में उन्होंने 1,412 रन बनाए हैं। उनका औसत 56.48 और स्ट्राइक रेट 165.72 रहा है। इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 7 अर्धशतक लगाए।

अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में उन्होंने 80 गेंदों पर 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जिससे भारत को खिताब मिला। इतनी बड़ी पारी फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में खेलना बताता है कि वह बड़े मौके के खिलाड़ी हैं।

टी20 में मिली खास पहचान

अब तक खेले 18 टी20 मुकाबलों में वैभव 701 रन बना चुके हैं। उनका स्ट्राइक रेट 204.37 है। यानी वह औसतन हर गेंद पर दो से ज्यादा रन की रफ्तार से बल्लेबाजी करते हैं।

आधुनिक क्रिकेट में टी20 का महत्व सबसे ज्यादा है। यहां बल्लेबाज को शुरुआत से ही आक्रामक होना पड़ता है। वैभव की खासियत यही है कि वह पहली गेंद से अटैक करना जानते हैं।

पढ़ाई छोड़कर क्रिकेट पर फोकस

हाल ही में वैभव (Vaibhav Suryavanshi) तब चर्चा में आए जब उन्होंने दसवीं की बोर्ड परीक्षा छोड़कर क्रिकेट पर पूरा ध्यान देने का फैसला किया। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उनके परिवार और कोचिंग स्टाफ ने उन्हें पूरा समर्थन दिया।

भारतीय क्रिकेट में ऐसे उदाहरण कम हैं जब इतनी कम उम्र में खिलाड़ी इतना बड़ा निर्णय लेते हैं। लेकिन वैभव का मानना है कि अभी उनका पूरा ध्यान खेल पर होना चाहिए।

तकनीक और मानसिक मजबूती

वैभव की बल्लेबाजी सिर्फ पावर हिटिंग तक सीमित नहीं है। उनकी तकनीक मजबूत है। बैकफुट पर कट शॉट, फ्रंटफुट पर ड्राइव और स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट — वह हर तरह के गेंदबाज को खेलने की क्षमता रखते हैं।

सबसे बड़ी बात, उनमें डर नहीं दिखता। बड़े नामों के सामने भी वह उसी आत्मविश्वास से खेलते हैं जैसे किसी स्थानीय टूर्नामेंट में।

Vaibhav Suryavanshi पर क्रिकेट विशेषज्ञों की राय

कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि वैभव में भविष्य का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है। उनकी फिटनेस, शॉट चयन और मैच की समझ उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व दिखती है।

अगर वह इसी तरह मेहनत और अनुशासन बनाए रखते हैं तो आने वाले सालों में भारतीय सीनियर टीम के दरवाजे उनके लिए खुल सकते हैं।

IPL 2026 से पहले बड़ा संकेत

IPL 2026 नजदीक है और इस तरह की पारी टीम प्रबंधन के लिए साफ संदेश है कि वैभव तैयार हैं। फ्रेंचाइजियां ऐसे खिलाड़ियों की तलाश में रहती हैं जो पावरप्ले में मैच का रुख बदल सकें।

19 गेंदों में 63 रन की पारी ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ संभावनाओं का नाम नहीं, बल्कि प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

14 साल की उम्र में 331.58 के स्ट्राइक रेट (Vaibhav Suryavanshi strike rate) से 63 रन बनाना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

उन्होंने एक बार फिर बता दिया है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। अगर प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास साथ हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं।

अब सबकी नजरें IPL 2026 पर होंगी। देखना दिलचस्प होगा कि यह युवा बल्लेबाज बड़े मंच पर कैसा प्रदर्शन करता है। फिलहाल इतना तय है कि वैभव सूर्यवंशी का नाम आने वाले समय में बार-बार सुना जाएगा।

Rajiv Malhotra

Rajiv Malhotra इस वेबसाइट के वरिष्ठ लेखक और कंटेंट विशेषज्ञ हैं। उन्हें सरकारी नौकरियों, सरकारी योजनाओं और ताज़ा समाचारों के क्षेत्र में गहन अनुभव है। राजीव सरल और स्पष्ट भाषा में सटीक, विश्वसनीय और अपडेटेड जानकारी पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित हैं, ताकि उम्मीदवारों और पाठकों को हर महत्वपूर्ण अपडेट समय पर मिल सके।

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